कार्बोक्सिलिक अम्ल क्या है, बनाने की विधि, उपयोग, फार्मूला, अम्लीय स्वभाव, गुण

कार्बोक्सिलिक अम्ल

वह कार्बनिक यौगिक जिनमें कार्बोक्सिलिक —COOH क्रियात्मक समूह उपस्थित होता है। कार्बोक्सिलिक अम्ल (carboxylic acid in Hindi) कहलाते हैं। कार्बोक्सिलिक अम्ल में कार्बोनिल समूह >C=O तथा हाइड्रोक्सिल —OH समूह उपस्थित होता है।

कार्बोक्सिलिक अम्ल

कार्बोक्सिलिक अम्ल बनाने की विधि

1. प्राथमिक एल्कोहाॅल से – प्राथमिक एल्कोहाॅल को ऑक्सीकारकों जैसे – अम्लीय, क्षारीय या उदासीन माध्यम में पोटैशियम परमैंगनेट KMnO4 अथवा अम्लीय माध्यम पोटैशियम डाईक्रोमेट K2Cr2O7 के द्वारा सरलता से कार्बोक्सिलिक अम्ल में ऑक्सीकृत हो जाते हैं।
\scriptsize \begin{array}{rcl} RCH_2OH \\ 2°\,एल्कोहाॅल \end{array} \xrightarrow [H_3O^+] {क्षारीय\,KMnO_4} \scriptsize \begin{array}{rcl} RCOOH \\ कार्बोक्सिलिक\,अम्ल \end{array} + H2O
RCHO + [O] \xrightarrow {H_2SO_4\,+\,K_2Cr_2O_7} RCOOH

2. एस्टर से– एस्टर के अम्लीय जल अपघटन द्वारा कार्बोक्सिलिक अम्ल बनते हैं।
\scriptsize \begin{array}{rcl} RCOOR’ \\ एस्टर \end{array} + H2O \xrightarrow {H^+} \scriptsize \begin{array}{rcl} RCOOH \\ कार्बोक्सिलिक\,अम्ल \end{array} + R’OH

कार्बोक्सिलिक अम्ल बनाने की विधि

3. नाइट्राइल से – नाइट्राइल का अम्ल या क्षार के साथ जल अपघटन से कार्बोक्सिलिक अम्ल प्राप्त होते हैं।
\scriptsize \begin{array}{rcl} RCN \\ नाइट्राइल \end{array} + 2H2O \xrightarrow {H^+\, अथवा\,OH^-} \scriptsize \begin{array}{rcl} RCOOH \\ कार्बोक्सिलिक\,अम्ल \end{array} + NH3

कार्बोक्सिलिक अम्ल के भौतिक गुण

  • एलिफैटिक कार्बोक्सिलिक अम्ल के प्रथम तीन सदस्य रंगहीन तथा तीक्ष्ण गंध वाले होते हैं।
  • चार कार्बन परमाणु तक एलिफैटिक कार्बोक्सिलिक अम्ल जल के अणुओं के साथ हाइड्रोजन बंध बनाते हैं। जिस कारण यह जल में विलेय होते हैं। कार्बन की संख्या बढ़ने पर इनकी जल में विलेयता घटती जाती है।
  • कार्बोक्सिलिक अम्लों के क्वथनांक संगत एल्कोहलों की अपेक्षा अधिक होते हैं। कार्बोक्सिलिक अम्लों के क्वथनांक अणु भार के बढ़ने पर बढ़ते हैं।

कार्बोक्सिलिक अम्ल के रासायनिक गुण

1. धातुओं से अभिक्रिया – कार्बोक्सिलिक अम्ल धातुओं के साथ अभिक्रिया के पश्चात हाइड्रोजन मुक्त करते हैं।
2RCOOH + 2Na \longrightarrow 2RCOONa + H2

2. क्षारों के साथ क्रिया – कार्बोक्सिलिक अम्ल क्षार के साथ क्रिया करके कार्बन डाइऑक्साइड उत्पन्न करते हैं। एवं लवण बनाते हैं।
RCOOH + NaOH \longrightarrow RCOONa + H2O

3. नाइट्रीकरण – बेंजोइक अम्ल सांद्र HNO3 के साथ सांद्र H2SO4 की उपस्थिति में क्रिया करके मैटा नाइट्रो बेंजीन देता है।

कार्बोक्सिलिक अम्ल के रासायनिक गुण

कार्बोक्सिलिक अम्ल के उपयोग

  1. कार्बोक्सिलिक अम्ल का मेथेनॉइक अम्ल, वस्त्र, रंगाई तथा चमड़ा उद्योग में प्रयोग होता है।
  2. एथेनाॅइक अम्ल, रंजक, प्लास्टिक तथा इत्र बनाने में।
  3. बेंजोइक अम्ल, सोडियम बेंजोएट के रूप में भोजन संरक्षण में।

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StudyNagar

हेलो छात्रों, मेरा नाम अमन है। Physics, Chemistry और Mathematics मेरे पसंदीदा विषयों में से एक हैं। मुझे पढ़ना और पढ़ाना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है। मैंने 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा को उत्तीर्ण किया। और इसके बाद मैंने इंजीनियरिंग की शिक्षा को उत्तीर्ण किया। इसलिए ही मैं studynagar.com वेबसाइट के माध्यम से आप सभी छात्रों तक अपने विचारों को आसान भाषा में सरलता से उपलब्ध कराने के लिए तैयार हूं। धन्यवाद

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