फास्फोरस के क्लोराइड, फास्फोरस पेंटाक्लोराइड तथा फास्फोरस ट्राईक्लोराइड

फास्फोरस की क्लोराइड

फास्फोरस के दो क्लोराइड होते हैं।
(1) फास्फोरस ट्राईक्लोराइड
(2) फास्फोरस पेंटाक्लोराइड

1. फास्फोरस ट्राईक्लोराइड

फास्फोरस ट्राईक्लोराइड को अनेक विधियों द्वारा प्राप्त किया जाता है।
(i) सफेद फास्फोरस से
सफेद फास्फोरस पर शुष्क क्लोरीन प्रवाहित किए जाने पर फास्फोरस ट्राईक्लोराइड PCl3 प्राप्त होता है।
P4 + 6Cl2 \longrightarrow 4PCl3

(ii) फास्फोरस ट्राईक्लोराइड, थायोनिल क्लोराइड SOCl2 तथा श्वेत फास्फोरस की क्रिया कराने पर प्राप्त होता है।
P4 + 8SOCl2 \longrightarrow 4PCl3 + 4SO2 + 2S2Cl2

फास्फोरस ट्राईक्लोराइड के गुण

  1. यह रंगहीन, तेलीय द्रव है इसका क्वथनांक 349K होता है।
  2. यह जल के साथ तेजी से क्रिया करता है एवं नमी की उपस्थिति में जल अपघटित हो जाता है।
    PCl3 + 3H2O \longrightarrow H3PO3 + 3HCl
  3. फास्फोरस ट्राईक्लोराइड, सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल H2SO4 के साथ क्रिया करके क्लोरोसल्फोनिक अम्ल बनाता है।
    PCl3 + H2SO4 \longrightarrow HOSO3Cl + POCl+ HCl
  4. यह ऑक्सीजन के साथ के लिए करके फास्फोरस ऑक्सी-ट्राईक्लोराइड बनाता है।
    2PCl3 + O2 \longrightarrow 2POCl3

फास्फोरस ड्राईक्लोराइड के उपयोग

  1. एल्किल तथा एरिल हैलाइड के निर्माण में।
  2. फास्फोरस पेंटाक्लोराइड के निर्माण में प्रयोग किया जाता है।

Note –
फास्फोरस ट्राईक्लोराइड की आकृति पिरैमिडी होती है। इसमें फास्फोरस sp3 संकरिण होता है। इसमें बंध कोण 100.4° होता है।

2. फास्फोरस पेंटाक्लोराइड

फास्फोरस पेंटाक्लोराइड को अनेक विधियों द्वारा प्राप्त किया जाता है।

(i) फास्फोरस पेंटाक्लोराइड, फास्फोरस ट्राईक्लोराइड तथा सल्फ्यूरिल क्लोराइड SO2Cl2 के साथ क्रिया करने पर प्राप्त होता है।
PCl3 + SO2Cl2 \longrightarrow PCl5 + SO2

(ii) प्रयोगशाला में इसे फास्फोरस ट्राईक्लोराइड तथा शुष्क क्लोरीन की क्रिया के द्वारा प्राप्त किया जाता है।
PCl3 + Cl2 \longrightarrow PCl5

फास्फोरस पेंटाक्लोराइड की गुण

  1. गर्म करने पर PCl5 ऊर्ध्वपतित होकर वाष्प में परिवर्तित हो जाती है। लेकिन इसके गलनांक से अधिक ताप गर्म करने पर यह वियोजित हो जाती है।
    PCl5 \rightleftharpoons PCl3 + Cl2
  2. धातुओं के साथ क्रिया करने पर PCl5 उनके क्लोराइड बना देता है।
    PCl5 + 2Cu \longrightarrow PCl3 + CuCl
    PCl5 + Zn \longrightarrow PCl3 + ZnCl2
  3. सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल H2SO4 के साथ किरिया कराने पर क्लोरोसल्फोनिक अम्ल प्राप्त होता है।
    PCl5 + H2SO4 \longrightarrow Cl•SO3H + POCl3 + HCl

फास्फोरस पेंटाक्लोराइड के उपयोग

  1. फास्फोरस पेंटाक्लोराइड का उपयोग क्लोनीकारक के रूप में किया जाता है।
  2. इसका उपयोग कार्बनिक रसायन में भी किया जाता है।

Note –
फास्फोरस पेंटाक्लोराइड की संरचना त्रिकोणीय द्वी पिरामिडी होती है इसमें फास्फोरस sp3d1 संकरिण होता है।


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