चुम्बकीय पदार्थ, प्रतिचुंबकीय, अनुचुंबकीय तथा लौहचुंबकीय पदार्थ के बीच अंतर, परिभाषा

वैज्ञानिक माइकल फैराडे ने यह अनुमान लगाया कि सभी पदार्थों में चुंबकत्व का गुण पाया जाता है वैज्ञानिक ने अनेकों पदार्थों पर चुंबकीय क्षेत्र में रखकर प्रयोग किये। और पदार्थों को तीन भागों में बांटा गया।

  1. प्रतिचुंबकीय पदार्थ
  2. अनुचुंबकीय पदार्थ
  3. लौहचुंबकीय पदार्थ

प्रतिचुंबकीय पदार्थ :-

वे पदार्थ जो किसी चुंबक के सिरों के निकट लाए जाने पर हल्के-से (मामूली से) प्रतिकर्षित होते हैं। एवं चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में बहुत कम (मामूली से) चुंबकित होते हैं। इस प्रकार के पदार्थों को प्रतिचुंबकीय पदार्थ कहते हैं। तथा इन पदार्थों के इस गुण को प्रतिचुंबकत्व कहते हैं।
प्रतिचुंबकीय पदार्थ के उदाहरण – विस्मित (Bi), चांदी(Ag), सोना(Au), हाइड्रोजन (H2), नाइट्रोजन (N2), जस्ता (Zn), नमक (Nacl), तथा तांबा (Cu) आदि प्रतिचुंबकीय पदार्थ के उदाहरण हैं।

प्रतिचुंबकीय पदार्थों की चुंबकीय प्रवृत्ति कम तथा ऋणात्मक होती है। प्रतिचुंबकीय पदार्थों को चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर इनमें चुंबकीय फ्लक्स घनत्व, निर्वात की तुलना में कुछ कम हो जाता है। जिसके कारण प्रतिचुंबकीय पदार्थों की आपेक्षिक चुम्बकशीलता का मान 1 से कम हो जाता है। एवं प्रतिचुंबकीय पदार्थ की चुंबकीय सुग्राहिता ताप पर निर्भर नहीं करती है।

अनुचुंबकीय पदार्थ :-

वे पदार्थ जो किसी चुंबक के सिरों के निकट लाए जाने पर हल्के-से (मामूली से) आकर्षित होते हैं। एवं चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की दिशा में मामूली से (बहुत कम) चुंबकित होते हैं। इस प्रकार के पदार्थों को अनुचुंबकीय पदार्थ कहते हैं। एवं इन पदार्थों की इस गुण को अनुचुंबकत्व कहते हैं। अनुचुंबकीय पदार्थ के उदाहरण – प्लैटिनम (Pt), एल्युमीनियम (Al), सोडियम (Na), ऑक्सीजन (O2), कैल्शियम (Ca) आदि अनुचुंबकीय पदार्थ के गुण हैं।

अनुचुंबकीय पदार्थ की चुंबकीय प्रवृत्ति कम तथा धनात्मक होती है। अनुचुंबकीय पदार्थ को चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर इनमें चुंबकीय फ्लक्स घनत्व का मान, निर्वात की तुलना में कुछ बढ़ जाता है। जिसके कारण अनुचुंबकीय पदार्थों की आपेक्षित चुम्बकशीलता का मान 1 से कुछ बड़ा हो जाता है।
अनुचुंबकीय पदार्थों की चुंबकीय सुग्राहिता, केल्विन ताप के व्युत्क्रमानुपाती होती है। अतः
\footnotesize \boxed { X_m = \frac{1}{T} }

लौहचुंबकीय पदार्थ :-

वे पदार्थ जो किसी चुंबक के समीप लाए जाने पर तेजी से आकर्षित होते हैं। एवं किसी चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की दिशा में प्रबलता से चुंबकित होते है। इन पदार्थों को लौहचुंबकीय पदार्थ कहते हैं। एवं पदार्थों के इस गुण को लौहचुंबकत्व कहते हैं। लौहचुंबकीय के पदार्थ के उदाहरण – निकिल (Ni), कोबाल्ट (Co), तथा आयरन (Fe) लौहचुंबकीय पदार्थ के उदाहरण हैं।

लौहचुंबकीय पदार्थों की चुंबकीय प्रवृत्ति बहुत अधिक तथा धनात्मक होती है। और अपेक्षित चुंबकशीलता का मान 1 से बहुत बड़ा होता है।

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प्रतिचुंबकीय, अनुचुंबकीय तथा लौहचुंबकीय पदार्थों में अंतर :-

क्रम संख्याप्रतिचुंबकीय पदार्थअनुचुंबकीय पदार्थलौहचुंबकीयव पदार्थ
1इनकी अपेक्षित चुंबकशीलता का मान 1 से कम होता है।इनकी अपेक्षित चुंबकशीलता का मान 1 से थोड़ा ज्यादा होता है।इनकी अपेक्षित चुंबकशीलता का मान 1 से बहुत ज्यादा होता है।
2यह पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की विपरीत दिशा में हल्के से चुंबकित होते हैं।यह पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की दिशा में हल्के से चुंबकित होते हैं।यह पदार्थ चुंबकीय क्षेत्र में रखे जाने पर क्षेत्र की दिशा में प्रबलता से चुंबकित होते हैं।
3इन पदार्थों की चुंबकीय प्रवृत्ति कम तथा ऋणात्मक होती है।इन पदार्थों की चुंबकीय प्रवृत्ति कम तथा धनात्मक होती है।इन पदार्थों की चुंबकीय प्रवृत्ति बहुत अधिक तथा धनात्मक होती है।
4यह पदार्थ ठोस, द्रव तथा गैस में होते हैं।यह पदार्थ ठोस, द्रव तथा गैस में होते हैं।यह पदार्थ केवल क्रिस्टलीय ठोसों में होते हैं।
5उदाहरण – Bi, Ag, Au, Cu, N2, H2 etc.उदाहरण – Pt, Al, Na, O2, Ca etc.उदाहरण – Ni, Co, Fe ।
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