संक्षारण क्या होता है, सुरक्षा के दो तरीके लिखिए, क्रियाविधि, उदाहरण, उपाय किसे कहते हैं, NCERT

संक्षारण क्या है

जब धातुओं को वायुमंडल के संपर्क में रखा जाता है तो वायुमंडल में उपस्थित गैसों तथा नमी की उपस्थिति से धातु धीरे-धीरे नष्ट होने लगती है। इस प्रक्रिया को संक्षारण (corrosion in Hindi) कहते हैं।
संक्षारण की प्रक्रिया में धातु वायुमंडलीय गैसों से क्रिया करके ऑक्साइड, कार्बोनेट, सल्फाइड आदि यौगिक का निर्माण करती है जिसके कारण धातु का क्षय होने लगता है।

संक्षारण के उदाहरण

  • चांदी की चमक का कम हो जाना
  • तांबे की छड़ पर हरी परत का बन जाना
  • लोहे पर जंग लगना
  • लेड का अपना संरचना खो देना

संक्षारण की क्रियाविधि

संक्षारण की क्रियाविधि की व्याख्या करने के लिए अनेकों सिद्धांत हैं लेकिन इन सब में से विद्युत रसायनिक सिद्धांत को अधिक महत्ता दी गई है।
विद्युत रासायनिक सिद्धांत के अनुसार, संक्षारण मूल रूप से एक विद्युत रासायनिक प्रक्रम है यह मुख्य रूप से धातुओं के पृष्ठ पर संपन्न होती है।
लोहे पर जंग लगना भी एक विद्युत रासायनिक अभिक्रिया है इस क्रिया में निम्न अभिक्रिया संपन्न होती हैं।

एनोड पर 2Fe (s) \longrightarrow 2Fe2+ + 4e
कैथोड पर O2 + 4H+ (aq) + 4e \longrightarrow 2H2O (l)
अतः संपूर्ण सेल पर क्रिया
2Fe (s) + O2 + 4H+ (aq) \longrightarrow 2Fe2+ + 2H2O
Fe2+ + ½O2 + 2H2O \longrightarrow Fe2O3 + 4H+
Fe2O3 + xH2O \longrightarrow \small \begin{array}{rcl} Fe_2O_3•xH_2O \\ जंग \end{array}

अतः इस प्रकार लोहे पर जंग लगती है।

संक्षारण के प्रकार

संक्षारण की प्रक्रिया निम्नलिखित चार प्रकार से होती है।
(1) गैल्वनिक संक्षारण
(2) विदरिका का संक्षारण
(3) मृदा संक्षारण
(4) सूक्ष्म जैविक संक्षारण

संक्षारण को प्रभावित करने वाले कारक

1. धातु की क्रियाशीलता
जिस धातु की क्रियाशीलता अधिक होती है उसकी कम क्रियाशीलता की धातु से संक्षारण होने की संभावना अधिक होती है।

2. अशुद्धियों की उपस्थिति
शुद्ध धातुओं में अशुद्धियों के मिलाने से उसमें संक्षारण की दर बढ़ जाती है।

3. विद्युत अपघट्य की उपस्थिति
विद्युत अपघट्य की उपस्थिति में संक्षारण की दर में वृद्धि हो जाती है। यह शुद्ध जल की अपेक्षा समुद्री जल में अधिक तीव्रता से होता है क्योंकि समुद्री जल में विद्युत अपघट्य की मात्रा अधिक होती है।

4. वायु की नमी की उपस्थिति
संक्षारण की प्रक्रिया वायु तथा नमी की उपस्थिति में अधिक तीव्रता से होती है क्योंकि वायु में कार्बन डाई ऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड उपस्थित होते हैं।

संक्षारण को रोकने के उपाय

  1. धातु की सतह पर पेंट, वर्निश की पतली परत चढ़ाकर।
  2. मशीन के पुर्जो पर तेल अथवा ग्रीस के लगाने से उनमें जंग नहीं लगती है।
  3. विद्युत लेपन द्वारा लोहे की सतह पर निकिल, काॅपर की परत चढ़ाकर।
  4. गेल्वनीकरण विधि द्वारा।
  5. जंगरोधी विलयनों का उपयोग करके।
  6. कैथोडिक रक्षण द्वारा

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