डीएनए क्या है प्रकार, कार्य तथा संरचना बताइए, फुल फॉर्म, DNA in Hindi

न्यूक्लिक अम्ल क्या है इसके बारे में हम पिछले लेख में पढ़ चुके हैं। उसमें हमने पढ़ा था कि न्यूक्लिक अम्ल दो प्रकार के होते हैं जिसमें से एक प्रकार डीएनए है। तो इस लेख में हम डीएनए (DNA in Hindi) क्या है इसके बारे में पूर्ण अध्ययन करेंगे एवं इसके प्रकार, कार्य एवं संरचना की भी चर्चा करेंगे।

डीएनए क्या है

DNA का पूरा नाम डी ऑक्सीराइबोह न्यूक्लिक अम्ल (deoxyribose nucleic acid in Hindi) होता है। डीएनए की खोज फ्रेडरिक मिशर ने सन् 1869 में पस कोशिकाओं के केंद्रक में की थी। यह अनुवांशिक सूचनाओं का वाहक है। DNA लक्षणों को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी में पहुंचाता है जिस कारण इसे अनुवांशिक अणु भी कहते हैं। डीएनए में β-D-डीऑक्सीराइबोस शर्करा होती है।
डीएनए में चार क्षारक होते हैं।
1. एडीनीन
2. ग्वानीन
3. साइटोसीन
4. थायमीन
डीएनए का एक अणु द्विकुंडलिनी अथवा दोहरे हेलिक्स वाला एवं सर्पिल सीढ़ी के आकार का होता है। डीएनए में डीऑक्सीराइबो शर्करा होती है। जिसे चित्र द्वारा प्रदर्शित किया गया है।

डीएनए क्या है

डीएनए की संरचना

DNA की द्विकुंडलिनी संरचना सर्वप्रथम जेम्स वाटसन तथा फ्रांसिस क्रिक ने सन् 1953 में दी। इनके अनुसार, DNA अणु पॉलिन्यूक्लियोटाइड की दो प्रतिसमांतर श्रंखलाओं से बना होता है। इन दो न्यूक्लियोटाइड में से एक न्यूक्लियोटाइड फॉस्फेट समूह तथा दूसरा न्यूक्लियोटाइड शर्करा अणु के 3’ कार्बन परमाणु के साथ जुड़ा होता है। इस प्रकार दो शर्करा अणुओं के मध्य 3’ और 5’ स्थितियों पर बंध बनता है। दो श्रंखलाओं के नाइट्रोजनी क्षारक हाइड्रोजन बंधों द्वारा जुड़े रहते हैं। जिससे DNA अणु का निर्माण होता है।

नाइट्रोजनी क्षारक दो प्रकार के होते हैं।
1. प्यूरीन क्षार – यह एडीनीन तथा ग्वानीन होते हैं।
2. पिरिमिडीन क्षार – यह साइटोसीन तथा थायमीन होते हैं।
नाइट्रोजनी क्षारक, न्यूक्लियोटाइड बनाते हैं।
नाइट्रोजनी क्षारक + पेंटोस शर्करा = न्यूक्लियोटाइड

DNA उच्च अणुभार वाले दीर्घ अथवा वृहत् अणु होते हैं DNA अणु हजारों न्यूक्लियोटाइड का बहुलक होता है। प्रत्येक न्यूक्लियोटाइड, डीऑक्सिराइबोस शर्करा, नाइट्रोजनी क्षारक तथा फॉस्फेट का बना होता है।

डीएनए फिंगरप्रिंटिंग

DNA अंगुलिछापन या DNA फिंगर प्रिंटिंग प्रत्येक व्यक्ति का अलग होता है। किसी व्यक्ति में DNA के क्षारकों का अनुक्रम अद्वितीय (unique) होता है। इसे ज्ञात करना ही डीएनए फिंगरप्रिंटिंग कहलाता है। यह प्रत्येक व्यक्ति का अन्य व्यक्ति से भिन्न होता है।
आजकल अंगुली छापन का उपयोग अधिकतम होने लगा है जैसे –
1. अपराधी की पहचान करने में।
2. दुर्घटना जैसे – बाढ़, भूकंप आदि में मारे गए व्यक्तियों की पहचान मृतक के बच्चों तथा परिवार के सदस्यों के DNA की तुलना करके की जाती है।
3. किसी बच्चे के पितृत्व को निर्धारित करने में इसका प्रयोग होता है।

आशा करते हैं कि DNA संबंधी यह लेख आपको पसंद आया होगा। अगर आप को इस लेख या studynagar द्वारा प्रदान किए गए नोट्स को समझने में कोई परेशानी हो तो, आप हमें comments या E-mail के माध्यम से बता सकते हैं। हम जल्द ही आपकी समस्या का जवाब दे देंगे। धन्यवाद

DNA संबंधित प्रश्न उत्तर

Q.1 DNA full form in Hindi?

Ans. डीऑक्सी राइबोसन्यूक्लिक अम्ल

Q.2 डीएनए में कौन सा अम्ल पाया जाता है?

Ans. डीएनए, न्यूक्लिक अम्ल का एक प्रकार है।

Q.3 डीएनए की संरचना होती है?

Ans. द्वि-कुंडलित


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