पायस क्या है, इमल्शन किसे कहते हैं, प्रकार, उपयोग, उदाहरण कितने होते हैं, पायसीकरण, अर्थ

बहुत छात्रों को यह भ्रम रहता है कि पायस और इमल्शन दो अलग-अलग गुण हैं लेकिन ऐसा नहीं है बल्कि पायस को ही इमल्शन कहते हैं या इमल्शन को ही पायस कहते हैं। यह दोनों एक ही गुण हैं। पायस का अंग्रेजी नाम emulsion (इमल्शन) होता है।
प्रस्तुत अध्याय में पायस क्या है, कितने प्रकार के होते हैं एवं इनके उपयोग और उदाहरण का विस्तार से अध्ययन करेंगे।

पायस

वह कोलाइडी विलयन जिसमें परिक्षिप्त प्रावस्था तथा परिक्षेपण माध्यम दोनों ही द्रव होते हैं तो इस प्रकार बने कोलाइडी विलयन को पायस (emulsion in Hindi) कहते हैं। इसे इमल्शन भी कहते हैं।
साधारण भाषा में कहें तो, द्रव के द्रव में परिक्षेपण को पायस कहते हैं।

पायस के उदाहरण

दूध, क्रीम आदि पायस के उदाहरण हैं।
दूध एक ऐसा पायस है जिसमें द्रव व वसा के कण जल में परिक्षिप्त अवस्था में रहते हैं।

पायस के प्रकार

परिक्षिप्त प्रावस्था के आधार पर पायस दो प्रकार के होते हैं।
(1) तेल का जल में परिक्षेपण
(2) जल का तेल में परिक्षेपण

1. तेल का जल में परिक्षेपण

जब परिक्षिप्त प्रावस्था में तेल तथा परिक्षेपण माध्यम के रूप में जल होता है। तो इसे तेल का जल में परिक्षेपण (oil in water type emulsion in Hindi) कहते हैं।
इसे जल में तेल प्रकार का पायस भी कहते हैं। इसे O/W से प्रदर्शित करते हैं।
उदाहरण – इसका सबसे प्रमुख उदाहरण दूध है चूंकि दूध में वसा के कण जल में परिक्षिप्त रहते हैं। अन्य वैनिशिंग क्रीम आदि इसके सामान्य उदाहरण हैं।

तेल का जल में परिक्षेपण पायस

2. जल का तेल में परिक्षेपण

जब परिक्षिप्त प्रावस्था में जल तथा परिक्षेपण माध्यम के रूप में तेल होता है। तो इसे जल का तेल में परिक्षेपण (water in oil type emotion in Hindi) कहते हैं।
इसे तेल में जल प्रकार का पायस भी कहते हैं। इसे W/O से प्रदर्शित करते हैं।
उदाहरण – मक्खन, कोल्ड क्रीम, ग्रीस, कॉड लीवर तेल आदि इसके सामान्य उदाहरण हैं।

इमल्शन किसे कहते हैं

पायसीकरण

किसी भी पायस को बनाने की क्रिया को पायसीकरण कहते हैं। पायस अल्ट्रासोनिक तरंगों द्वारा बनाया जाता है।

पायस का निर्माण

सामान्यतः पायस अस्थायी होते हैं। अतः पायस को स्थायी बनाने के लिए इनमें कुछ स्थायीकरण पदार्थ मिलाए जाते हैं जिन्हें पायसीकारक कहते हैं।
उदाहरण – साबुन, गोंद, जिलेटिन आदि पायसीकारक पदार्थों के उदाहरण हैं।

पायस के गुण

1. पायस टिंडल प्रभाव, ब्राउनी गति प्रदर्शित करते हैं।
2. तेल का जल में परिक्षेपण (O/W) पायस की विद्युत चालकता अधिक होती है। लेकिन W/O पायस की विद्युत चालकता कम होती है।
3. तेल का जल में परिक्षेपण पायस की श्यानता कम होती है। जबकि W/O पायस की श्यानता अधिक होती है।
4. पायस विद्युत संचालन तथा स्कंदन भी प्रदर्शित करते हैं।

पायस के अनुप्रयोग

1. विभिन्न दवाइयां जैसे – लोशन, क्रीम, मलहम आदि पायस के रूप में बनाए जाते हैं। यह O/W तथा W/O दोनों प्रकार के पास होते हैं।
2. साबुन के पायसीकारक गुणों को कपड़े, बर्तन व अन्य वस्तुओं को साफ करने में प्रयोग में लाया जाता है।


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