आदर्श और अनादर्श विलयन क्या है, अंतर, विशेषताएं, दो उदाहरण, गुण

आदर्श विलयन

वह विलयन जो प्रत्येक सांद्रता पर राउल्ट के नियम का पालन करते हैं उसे आदर्श विलयन (ideal solution in Hindi) कहते हैं।

आदर्श विलयन के गुण

1. आदर्श विलयन बनाने में मिश्रित एंथैल्पी में कोई परिवर्तन नहीं होना चाहिए।अर्थात
∆H = 0
2. आदर्श विलयन के मिश्रण पर आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता है। अर्थात
∆V = 0
3. आदर्श विलयन में भाग लेने वाले विलयन के अणुओं की संरचना, आकार एवं रासायनिक गुण बराबर होने चाहिए।

आदर्श विलयन के उदाहरण

• ब्रोमोएथेन और क्लोरोएथेन का विलयन
• बेंजीन और टाॅलूईन का विलयन
• ब्रोमो बेंजीन और क्लोरो बेंजीन का विलयन
• n-हेक्सेन और n-हेप्टेन का विलयन

अनादर्श विलयन

वह विलयन जो प्रत्येक सांद्रता पर राउल्ट के नियम का पालन नहीं करते है उन्हें अनादर्श विलयन (non-ideal solution in Hindi) कहते हैं।

अनादर्श विलयनों का वाष्पदाब राउल्ट के नियम द्वारा प्रस्तुत वाष्पदाब के या तो अधिक होता है या कम होता है। लेकिन किसी भी स्थिति में समान नहीं होता है।
जब विलयन का वाष्पदाब अधिक होता है तो यह विलयन राउल्ड के नियम से धनात्मक विचलन दर्शाता है लेकिन विलयन का वाष्पदाब कम होता है तो यह विलयन राउल्ट के नियम से ऋणात्मक विचलन दर्शाता है।
अनादर्श विलयन में अणुओं की संरचना, आकार एवं रासायनिक गुण समान नहीं होते हैं।

अनादर्श विलयन के उदाहरण

• एथिल एल्कोहल और एसीटोन का विलयन
• कार्बन टेट्राक्लोराइड और क्लोरोफॉर्म का विलयन
• एसीटोन और क्लोरोफॉर्म का विलयन

आदर्श विलयन और अनादर्श विलयन में अंतर

  • आदर्श विलयन प्रत्येक ताप पर सांद्रता पर राउल्ट के नियम का पालन करते हैं। जबकि अनादर्श विलयन प्रत्येक ताप सांद्रता पर राउल्ट के नियम का पालन नहीं करते हैं।
  • आदर्श विलयन पर आयतन में कोई परिवर्तन नहीं होता है। जबकि अनादर्श विलयन पर आयतन परिवर्तन होता है।
  • आदर्श विलयन राउल्ट के नियम से कोई विचलित प्रदर्शित नहीं करता हैं। जबकि अनादर्श विलयन राउल्ड के नियम से धनात्मक व ऋणात्मक विचलित प्रदर्शित करता हैं।
  • बेंजीन और टाॅलूईन का विलयन एक आदर्श विलयन है। जबकि एथिल एल्कोहल और एसीटोन का विलयन एक अनादर्श विलयन है।

शेयर करें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *