गैसों में ध्वनि की चाल | लाॅप्लास संशोधन | Laplace’s correction in Hindi

गैस में ध्वनि की चाल

न्यूटन के अनुसार, अनुदैर्ध्य तरंगे (ध्वनि) किसी गैस (जैसे-वायु) में संचरित होती हैं। तो उसमें अनुदैर्ध्य तरंग की चाल निम्न सूत्र द्वारा दी जाती है।
v = \sqrt{ \frac{P}{d} }
जहां P = गैस का दाब तथा d = घनत्व है।
0°C पर वायु का दाब P = 1.01 × 105 न्यूटन/मीटर2
तथा वायु का घनत्व d = 1.29 किलो/मीटर3
तो सूत्र v = \sqrt{ \frac{P}{d} } से
v = \sqrt{ \frac{1.01 × 10^5}{1.29} }
हल करने पर
v = 280 मीटर/सेकंड

लेकिन प्रयोगों द्वारा 0°C पर ध्वनि की चाल लगभग 331 मीटर/सेकंड होती है। जो न्यूटन के सूत्र द्वारा प्राप्त राशि के काफी अधिक हैं। अतः इस प्रकार गैस के लिए न्यूटन का सूत्र त्रुटिपूर्ण है।

लाॅप्लास का संशोधन

वैज्ञानिक लाॅप्लास ने माना कि जब ध्वनि तरंगे वायु में संचरित होती हैं तो माध्यम के किसी बिंदु पर विरलन तथा संपीडन की दशाएं एकांतर क्रम से उत्पन्न होती हैं। जिनसे उत्पन्न हुई ऊष्मा का माध्यम से कोई आदान-प्रदान नहीं होता है। क्योंकि गैसें ऊष्मा की कुचालक होती हैं।
अतः लाॅप्लास ने माना कि न्यूटन के सूत्र में आयतन प्रत्यास्थता गुणांक लेना चाहिए जिसका मान γP के बराबर होता है।
अतः लाॅप्लास के अनुसार गैसों में ध्वनि की चाल

v = \sqrt{ \frac{γP}{d} }
या   v = \sqrt{γ} × \sqrt{ \frac{γP}{d} }
गैसों के लिए γ = 1.41 तो
v = \sqrt{1.41} × 280
v = 332 मीटर/सेकंड

अतः वायु में ध्वनि की चाल का यह मान प्राप्त मान के बराबर है। तब लाॅप्लास संशोधन सत्य है।

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ध्वनि की चाल पर प्रभाव

1. दाब का प्रभाव

ध्वनि की चाल पर दाब परिवर्तन का कोई प्रभाव नहीं पड़ता है। चूंकि \sqrt{ \frac{P}{d} } का मान नियत रहता है।

2. ताप का प्रभाव

आदर्श गैस समीकरण PV = RT से
P \frac{M}{d} = RT
या \frac{P}{d} = \frac{RT}{M}     समी.①
गैसों में ध्वनि की चाल v = \sqrt{ \frac{γP}{d} } तो
v = \sqrt{ \frac{γRT}{M} }     समी.②
अतः ताप T के बढ़ने पर चाल v बढ़ जाती है तो
समी.② से
0°C पर चाल vo = \sqrt{ \frac{γR(0 + 273)}{M} }     समी.③
t°C पर चाल vt = \sqrt{ \frac{γR(t + 273)}{M} }     समी.④
समी.③ व समी.④ की भाग करने पर
\frac{v_t}{v_o} = \sqrt{ \frac{t + 273}{273} }
\frac{v_t}{v_o} = \sqrt{1 + \frac{t}{273} }
\frac{v_t}{v_o} = (1 + \frac{t}{273})^{1/2}
\frac{v_t}{v_o} = 1 + \frac{1}{2} × \frac{t}{273}
\frac{v_t}{v_o} = 1 + \frac{t}{546}
चूंकि vo वायु में गैस की चाल है अतः vo = 332 m/s रखने पर
vt = vo ( 1 + \frac{t}{546})
vt = 332 + \frac{332 t}{546}
\footnotesize \boxed { v_t = v_o + 0.61t }

समीकरण से स्पष्ट है कि 1°C ताप बढ़ाने से वायु में ध्वनि की चाल 0.61 मीटर/सेकंड बढ़ जाती है।

गैस में ध्वनि की चाल का सूत्र

\frac{v_1}{v_2} = \sqrt { \frac{M_2}{M_1} }
जहां v1 व v2 समान ताप और दाब पर ध्वनि की चालें हैं। एवं M1 व M2 इनके अणुभार हैं।
अतः विभिन्न गैसों में ध्वनि की चालें, गैसों के अणुभार के वर्गमूल के व्युत्क्रमानुपाती होती है।

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