मोल संकल्पना और मोलर द्रव्यमान किसे कहते हैं, परमाणु तथा आण्विक द्रव्यमान क्या है

प्रस्तुत लेख के अंतर्गत हम मोल संकल्पना और मोलर द्रव्यमान के बारे में अध्ययन करेंगे एवं इसमें हम परमाणु द्रव्यमान और आणविक द्रव्यमान के बारे में भी चर्चा करेंगे।

मोल संकल्पना

परमाणु और अणु का आकार अति सूक्ष्म होता है किसी पदार्थ की बहुत कम मात्रा में इनकी संख्या काफी अधिक होती है। इस संख्या को व्यक्त करने के लिए एक मात्रक की आवश्यकता होती है। जैसे – लंबाई का मात्रक मीटर, द्रव्यमान का मात्रक ग्राम होता है। उसी प्रकार पदार्थ की मात्रा के लिए मोल मात्रक प्रयोग किया जाता है।

किसी पदार्थ की वह मात्रा जिसमें उतने ही कण उपस्थित होते हैं जितने कार्बन-12 समस्थानिक के ठीक 12 ग्राम में उपस्थित परमाणुओं की संख्या होती है।
किसी पदार्थ की वह मात्रा जिसमें 6.0221367 × 1023 मूल कण उपस्थित होते हैं। उसे पदार्थ का एक मोल कहते हैं। 1 मोल में कणों की संख्या को आवोगाद्रो संख्या कहते हैं । इसे NA द्वारा प्रदर्शित करते हैं।

मोलर द्रव्यमान

आसान शब्दों में कहें, तो किसी पदार्थ के 1 मोल के द्रव्यमान को उसका मोलर द्रव्यमान (molar mass in Hindi) कहते हैं। इसे M से प्रदर्शित किया जाता है। मोलर द्रव्यमान को ग्राम प्रति मोल (ग्राम/मोल) में व्यक्त करते हैं। ग्राम में व्यक्त मोलर द्रव्यमान संख्यात्मक रूप से परमाणु द्रव्यमान/आणविक द्रव्यमान/सूत्र द्रव्यमान के बराबर होता है।
जैसे – जल का मोलर द्रव्यमान = 18.02 ग्राम/मोल
NaCl का मोलर द्रव्यमान = 58.5 ग्राम/मोल

Note – जिस प्रकार मोल संकल्पना में ग्राम परमाणु, ग्राम अणु तथा ग्राम आयन आदि के स्थान पर केवल मोल का प्रयोग किया जाता है। उसी प्रकार परमाणु भार, अणु भार तथा सूत्र भार (सूत्र द्रव्यमान) आदि के स्थान पर मोलर द्रव्यमान प्रयुक्त किया जाता है।

परमाणु द्रव्यमान

किसी तत्व का परमाणु द्रव्यमान संख्या है। जो कार्बन के एक परमाणु के द्रव्यमान के 1/12 भाग से उस तत्व के एक परमाणु जितने गुना भारी होता है। उस तत्व को उसका परमाणु द्रव्यमान कहते हैं।
तत्व का परमाणु द्रव्यमान = तत्व के एक परमाणु का द्रव्यमान/कार्बन-12 के एक परमाणु का द्रव्यमान × 1/12

कार्बन-12 समस्थानिक के एक परमाणु के द्रव्यमान का परमाणु द्रव्यमान का 1/12 भाग को परमाणु द्रव्यमान मात्रक (atomic mass unit in Hindi) कहा जाता है। जिसे आजकल शार्ट में amu प्रदर्शित द्वारा प्रदर्शित करते हैं। लेकिन इसे u द्वारा भी दर्शाया जाता है। जिसे एकीकृत द्रव्यमान (unified mass in Hindi) कहते हैं।
1 amu = 1.6736 × 10-24 ग्राम होते हैं।

जैसे –
हाइड्रोजन के एक परमाणु का द्रव्यमान = 1.67 × 10-24 ग्राम होता है।
अतः इसे amu (या u) के पदों में व्यक्त करने पर
हाइड्रोजन का द्रव्यमान = \frac{ 1.6736 × 10^{-24} g}{1.66056 × 10^{-24} g}
हाइड्रोजन का द्रव्यमान = 1.0080 u
अतः हाइड्रोजन का amu में द्रव्यमान = 1.0080 u होता है।

आण्विक द्रव्यमान

किसी अणु का आण्विक द्रव्यमान उस अणु में उपस्थित विभिन्न तत्वों के परमाणु द्रव्यमान का योग होता है। अर्थात् किसी पदार्थ के अणु में उपस्थित सभी परमाणु द्रव्यमान के योग को आण्विक द्रव्यमान कहते हैं।
उदाहरण – 1. H2O का आण्विक द्रव्यमान = 2 × H का परमाणु द्रव्यमान + O का परमाणु द्रव्यमान
H2O का आण्विक द्रव्यमान = 2 × (1.008u) + 16u
H2O का आण्विक द्रव्यमान = 18.02 u
2.
CO2 का आण्विक द्रव्यमान = C का परमाणु द्रव्यमान + 2 × O का परमाणु द्रव्यमान
CO2 का आण्विक द्रव्यमान = 12u + 2 × 16u
CO2 का आण्विक द्रव्यमान = 44 u


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StudyNagar

हेलो छात्रों, मेरा नाम अमन है। Physics, Chemistry और Mathematics मेरे पसंदीदा विषयों में से एक हैं। मुझे पढ़ना और पढ़ाना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है। मैंने 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा को उत्तीर्ण किया। और इसके बाद मैंने इंजीनियरिंग की शिक्षा को उत्तीर्ण किया। इसलिए ही मैं studynagar.com वेबसाइट के माध्यम से आप सभी छात्रों तक अपने विचारों को आसान भाषा में सरलता से उपलब्ध कराने के लिए तैयार हूं। धन्यवाद

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