नाभिकीय बल क्या है, प्रबल तथा दुर्बल बल लिखिए, nuclear force in Hindi

नाभिकीय बल

नाभिक के भीतर उपस्थित वह बल जो न्यूक्लिऑनों (न्यूट्रॉनों और प्रोटॉनों) को परस्पर बांधे रखता है। इस बल को नाभिकीय बल (nuclear force in hindi) कहते हैं।
नाभिकीय बल दो प्रकार के होते हैं।
(1) प्रबल नाभिकीय बल
(2) दुर्बल नाभिकीय बल

प्रबल नाभिकीय बल

नाभिक के भीतर प्रोटोनों तथा न्यूट्रॉनों को एक साथ बांधे रखने वाले बल को प्रबल नाभिकीय बल (strong nuclear force in hindi) कहते हैं। प्रबल नाभिकीय बल के लक्षण –
(i) प्रबल नाभिकीय बल आवेश पर निर्भर नहीं करता है। अर्थात दो प्रोटोनों तथा दो न्यूट्रॉनों के बीच जितना नाभिकीय बल होगा, उतना ही एक प्रोटोन तथा एक न्यूट्रॉन के बीच होगा।
(ii) प्रबल नाभिकीय बल विद्युत चुंबकीय बल की तुलना में 100 गुना अधिक प्रबल होता है।
(iii) प्रबल नाभिकीय बल लघु (कम) परास का होता है। यह केवल नाभिक के भीतर ही होता है नाभिक से दूर जाने पर यह बल लगातार घटता जाता है।

दुर्बल नाभिकीय बल

दुर्बल नाभिकीय बल भी प्रबल नाभिकीय बल की भांति ही लघु परास वाला बल होता है। दुर्बल नाभिकीय बल गुरुत्वाकर्षण बल से प्रबल होता है जबकि विद्युत चुंबकीय तथा नाभिकीय बलों से क्षीण (कमजोर) होता है।
नाभिकीय घटनाएं जैसे रेडियोएक्टिव नाभिक से बीटा-क्षय में कार्य करने वाला बल दुर्बल नाभिकीय बल होता है।

नाभिकीय बल के गुण

  1. नाभिकीय बल आकर्षण बल होता है – न्यूक्लिऑनों के बीच आकर्षण के कारण ही नाभिकीय बल लगता है।
  2. नाभिकीय बल विद्युत बल नहीं होता है – अर्थात यह बल विद्युत प्रकृति के नहीं होते हैं।
  3. नाभिकीय बल अत्यंत प्रबल होता है – अर्थात यह बल बहुत अधिक मजबूत होते हैं। क्योंकि इनके परमाणुओं में लघु परास होती है।

नाभिक का वर्गीकरण

प्रोटोनों की संख्या के आधार पर नाभिक को तीन भागों में बांटा गया है।
(i) समस्थानिक (समप्रोटोनिक)
(ii) समभारिक
(iii) समन्यूट्रॉनिक

समस्थानिक (समप्रोट्रॉनिक)

वे तत्व जिनके परमाणु क्रमांक समान होते हैं एवं द्रव्यमान संख्या (प्रोटॉन तथा न्यूट्रॉनों की संख्या) भिन्न-भिन्न होती हैं। समस्थानिक कहलाते हैं। जैसे
हाइड्रोजन – 1H1, 1H2, 1H3
क्योंकि इसमें न्यूट्रॉनों की संख्या समान रहती है इसलिए इसे समप्रोट्रॉनिक भी कहते हैं।

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समभारिक

वे तत्व जिनके परमाणु क्रमांक भिन्न-भिन्न होते हैं परंतु द्रव्यमान संख्या समान होती है समभारिक कहलाते हैं।
जैसे – 18Ar4020Ca40

समन्यूट्रॉनिक

वे तत्व जिनके परमाणु क्रमांक तथा द्रव्यमान संख्या दोनों ही भिन्न-भिन्न होती हैं परंतु न्यूट्रॉनों की संख्या समान होती है समन्यूट्रॉनिक कहलाते हैं।
जैसे – 1H32He4

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