स्टार्च, ग्लाइकोजन तथा सैलूलोज क्या है, स्रोत, उपयोग, किसे कहते हैं, सेलुलोज

स्टार्च

यह वनस्पति जगत में सर्वाधिक मात्रा में पाए जाने वाला कार्बोहाइड्रेट है। स्टार्च (starch in Hindi) मनुष्यों के लिए आहार का मुख्य स्रोत है। यह पौधों में मुख्य संग्रहित पॉलिसैकेराइड है।
स्टार्च को एमाइलम भी कहते हैं। यह α-ग्लूकोज का बहुलक होता है।

स्टार्ट संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

• स्टार्च, डाइस्टेस एंजाइम की उपस्थिति में जल अपघटन द्वारा माल्टोस डाइसैकेराइड बनाता है।
\scriptsize \begin{array}{rcl} 2(C_6 H_{10} O_5)_n \\ स्टार्च \end{array} + nH2O \xrightarrow {डाइस्टेस} \scriptsize \begin{array}{rcl} nC_{12} H_{22} O_{11} \\ माल्टोस \end{array}
• स्टार्च को 200-250°C ताप पर गर्म करने पर यह एक कम अणुभार वाले कार्बोहाइड्रेट डेक्सिट्रन में परिवर्तित हो जाता है। एवं अधिक ताप पर और गर्म करने पर यह काला पड़ जाता है।
• स्टार्च, आयोडीन विलयन के साथ अभिक्रिया करके गहरा नीला रंग देता है।
• स्टार्च सफेद रंग का, स्वादहीन अक्रिस्टलीय चूर्ण होता है।
• यह जल में अविलेय होता है।
• स्टार्च में ऐमिलोस तथा एमाइलॉपेक्टिन दो पॉलिसैकेराइड पाए जाते हैं।

ग्लाइकोजन

यह एक पॉलिसैकेराइड है जो शरीर में आरक्षित ग्लूकोस का कार्य करता है। जिस कारण ग्लाइकोजन (glycogen in Hindi) को जंतु स्टार्च भी कहते हैं। यह ग्लूकोस का एक बहुलक है। ग्लाइकोजन जंतु एवं मानव में कार्बोहाइड्रेट के रूप में संग्रहित रहता है। इसकी संरचना एमाइलॉपेक्टिन के समान होती है एवं यह एमाइलॉपेक्टिन से अधिक शाखित होता है। इसे प्राणी स्टार्च भी कहते हैं। ग्लाइकोजन कवक तथा यीस्ट में पाया जाता है।

सैलूलोज

सैलूलोज मुख्य रूप से पौधों में पाया जाता है। यह एक पॉलिसैकेराइड है यह वनस्पति जगत में प्रचुर मात्रा में पाए जाने वाला कार्बनिक पदार्थ है। सैलूलोज, β-ग्लूकोस का एक बहुलक है। यह काष्ट, कपास के बीज, जूट, पटसन आदि में पाया जाता है। कपास शुद्ध सैलूलोज (cellulose in Hindi) का एक उदाहरण है। यह एक अनअपचायी शर्करा है।

सैलूलोज संबंधित कुछ महत्वपूर्ण बिंदु

• सेल्यूलोज, रंगहीन अक्रिस्टलीय पदार्थ है।
• यह जल में अविलेय होता है।
• यह इस प्रकार का कार्बोहाइड्रेट है जो मनुष्य के पाचन तंत्र द्वारा नहीं पचता है।
• सांद्र H2SO4 एवं ठंडे जल के साथ सैलूलोज की अभिक्रिया कराने पर यह फूल जाती है तथा बाद में घुल जाती है। यह तनु काॅस्टिक क्षारो के साथ कोई अभिक्रिया नहीं करता है।
• घास चरने वाले जंतुओं के शरीर में सेलुलोज का पाचन हो जाता है। क्योंकि इनमें आवश्यक एंजाइम की उपस्थिति होती है।
• सैलूलोज एक अनअपचायी शर्करा है जो खोखले रेशों के रूप में पाया जाता है।
• इसका उपयोग गन कॉटन विस्फोटक तथा कपड़े उद्योग में किया जाता है।
• यह मेथिल सैलूलोज, एथिल सैलूलोज तथा सैलूलोज एसीटेट के निर्माण में प्रयोग किया जाता है।
• सैलूलोज कृत्रिम रेशम एवं पेंट निर्माण में भी प्रयोग किया जाता है।


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