विद्युत अपघट्य किसे कहते हैं दुर्बल और प्रबल विद्युत अपघट्य | विद्युत अनापघट्य

विद्युत अपघट्य

वह पदार्थ जिनको जल में घुलने पर वह धन्नो राइनो में भी उचित हो जाते हैं अर्थात वह पदार्थ जो गणित तथा जल व्यवस्था में विद्युत धारा का संचालन करते हैं उन्हें विद्युत अपघट्य (electrolytes in Hindi) कहते हैं।

सभी विद्युत अपघट्य विलयन में समान मात्रा में आयनीकृत नहीं होते हैं। इसी आधार पर विद्युत अपघट्य को दो भागों में वर्गीकृत किया गया है।
(1) दुर्बल विद्युत अपघट्य
(2) प्रबल विद्युत अपघट्य

1. दुर्बल विद्युत अपघट्य

वह विद्युत अपघट्य जो विलयन में पूर्णतः आयनीकृत नहीं होते हैं। अर्थात् जिन विद्युत अपघट्यों को जल में घोलने पर वह अपने धन या ऋण आयनों में पूर्ण रूप से नहीं टूटते हैं। एवं इनमें विद्युत संचालन का गुण कम पाया जाता है तो इस इस प्रकार के विद्युत अपघट्य को दुर्बल विद्युत अपघटन (Weak electrolytes in Hindi) कहते हैं।
दुर्बल विद्युत अपघट्य की आयनन की मात्रा को आयनन मात्रा या वियोजन की मात्रा कहते हैं।

दुर्बल विद्युत अपघट्य की वियोजन मात्रा

दुर्बल विद्युत अपघट्य की मोलर चालकता उसकी वियोजन की मात्रा पर निर्भर करती है। अर्थात विलयन में आयनित विद्युत अपघट्य के अणुओं की कुल संख्या का अंश विलयन की आयनन की मात्रा या वियोजन की मात्रा कहलाती है। वियोजन की मात्रा को α से प्रदर्शित करते हैं। तो
\footnotesize \boxed { α = \frac{Λ^c_m}{Λ^∞_m} }
जहां Λcm = c सांद्रता पर मोलर चालकता
Λm = अनंत तनुता पर मोलर चालकता है।
दुर्बल विद्युत अपघट्य की तनुता बढ़ाने पर इनकी वियोजन की मात्रा बढ़ जाती है।

दुर्बल विद्युत अपघट्य के उदाहरण

1. दुर्बल अम्ल – एसिटिक अम्ल (CH3COOH) , कार्बनिक अम्ल , बोरिक अम्ल (H3BO3)
2. दुर्बल क्षार – अमोनियम हाइड्रोक्साइड (NH4OH)
3. अन्य – HCN, HgCl2, ZnCl2 आदि।

2. प्रबल विद्युत अपघट्य

वह विद्युत अपघट्य, जो विलयन में पूर्णतः अपने आयनों में वियोजित हो जाते हैं। उन्हें प्रबल विद्युत अपघट्य (strong electrolytes in Hindi) कहते हैं।
प्रबल विद्युत अपघट्यों को जल में घोलने पर यह पूर्ण रूप से धन या ऋण आयनों में आयनीकृत हो जाते हैं। जिस कारण इनमें विद्युत धारा का संचालन तीव्रता से होता है।

प्रबल विद्युत अपघट्य के उदाहरण

1. सोडियम क्लोराइड NaCl
2. पोटेशियम क्लोराइड KCl
3. सोडियम हाइड्रोक्साइड NaOH
4. अमोनियम क्लोराइड NH4Cl
5. NH4NO3 , CH3COONa आदि प्रबल विद्युत अपघट्य के उदाहरण हैं।

विद्युत अनापघट्य

वह पदार्थ जो विलयन में आयनीकृत नहीं होते हैं। उन्हें विद्युत अनापघट्य कहते हैं। यह जल में घोलने पर धन या ऋण आयनों में वियोजित नहीं होते हैं। जिस कारण विद्युत अनापघट्य में विद्युत का संचालन नहीं होता है।
उदाहरण
चीनी, ग्लूकोस, यूरिया, एथिल ऐल्कोहॉल आदि विद्युत अनापघट्य के उदाहरण हैं।


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