ऊष्मागतिकी प्रक्रम : समतापी, समआयतनिक, समदाबी तथा रुद्धोष्म प्रक्रम

ऊष्मागतिकी प्रक्रम

किसी निकाय की अवस्था में परिवर्तन करके उसे विभिन्न उस्मा गतिकी प्रक्रम प्राप्त कर सकते हैं किसी निकाय की अवस्था में परिवर्तन कुछ विधियों द्वारा किया जा सकता है इसके आधार पर ही उस्मा गतिकी प्रक्रम को निम्नलिखित चार भागों में बांटा गया है।
(1) समदाबी प्रक्रम
(2) समआयतनिक प्रक्रम
(3) समतापी प्रक्रम
(4) रुद्धोष्म अथवा स्थिरोष्म प्रक्रम

1. समदाबी प्रक्रम (isobaric process)

वह प्रक्रम जिसमें निकाय पर दाब स्थिर रहे, तो इस प्रकार के प्रक्रम को समदाबी प्रक्रम कहते हैं।
चूंकि इस प्रक्रम में दाब में कोई परिवर्तन नहीं होता है। अर्थात्
    ∆P = 0
उदाहरण
जल का जमकर बर्फ बनना, द्रव का वाष्प में बदलना, भाप का अतितप्त होना आदि ऐसे प्रक्रम हैं जिनमें दाब को स्थिर रखा जाता है अर्थात दाब नियत रहता है।

2. समआयतनिक प्रक्रम (isochoric process)

वह प्रक्रम जिसमें निकाय का आयतन स्थिर रहे, तो इस प्रकार के प्रक्रम को समआयतनिक प्रक्रम कहते हैं।
चूंकि इस प्रक्रम में निकाय का आयतन अपरिवर्तित रहता है। अर्थात्
∆V = 0
अतः इस निकाय द्वारा कोई कार्य नहीं किया जाता है। चूंकि
W = P × ∆V = 0

3. समतापी प्रक्रम (isothermal process)

वह प्रक्रम जिसमें निकाय का ताप स्थिर रहे, तो इस प्रकार के प्रक्रम को समतापी प्रक्रम कहते हैं।
चूंकि इस प्रक्रम में निकाय का ताप स्थिर रहता है। अर्थात्
∆T = 0
व्यवहार में कोई भी ऐसा पदार्थ नहीं है जो पूर्ण समतापी हो, अतः पूर्ण समतापी प्रक्रम का होना असंभव है।
उदाहरण
बर्फ का गलना, मोम का जमना, द्रव का वाष्पन, जल का उबलना आदि। समतापी प्रक्रम के उदाहरण हैं।
आदर्श गैस में समतापी प्रक्रम बॉयल के नियम के अनुसार होता है।
अर्थात्     \footnotesize \boxed { PV = नियतांक }
आदर्श गैस में समतापी प्रक्रम होने पर गैस की आंतरिक ऊर्जा अपरिवर्तित रहती है।

4. रुद्धोष्म प्रक्रम (Adiabatic process)

वह प्रक्रम जिसमें निकाय के न तो भीतर ऊष्मा जा सके और न ही निकाय के भीतर की ऊष्मा बाहर जा सके, अर्थात् ऊष्मा का आदान-प्रदान न हो, तो इस प्रकार के प्रक्रम को रुद्धोष्म प्रक्रम कहते हैं।
चूंकि इसमें ऊष्मा का स्थानांतरण शून्य रहता है। अर्थात्
Q = 0
उदाहरण
(1) पंप से वाहन में हवा भरते समय पंप के बैरल का गर्म हो जाना।
(2) कार्बन डाइऑक्साइड गैस सिलेंडर को अचानक खोलने पर कार्बन डाइऑक्साइड का शुष्क बन जाना।
(3) साइकिल के ट्यूब से अचानक बाल निकलने पर ट्यूब से निकली हवा का ठंडा हो जाना।
आदर्श गैस में रुद्धोष्म प्रक्रम चार्ल्स के नियम के अनुसार होता है।
अर्थात्     \footnotesize \boxed { PV^γ = नियतांक }

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समतापी प्रक्रम और रुद्धोष्म प्रक्रम में अंतर

  1. समतापी प्रक्रम में निकाय का ताप नियत रहता है जबकि रुद्धोष्म प्रक्रम में ऊष्मा का आदान प्रदान नहीं होता है।
  2. समतापी प्रक्रम में गैस की विशिष्ट ऊष्मा अनंत होती है जबकि रुद्धोष्म प्रक्रम में गैस की विशिष्ट ऊष्मा शून्य होती है।
  3. समतापी प्रक्रम में निकाय की आंतरिक ऊर्जा नियत रहती है जबकि रुद्धोष्म प्रक्रम में निकाय की आंतरिक ऊर्जा बदल जाती है।
  4. समतापी प्रक्रम बहुत धीरे-धीरे होता है जबकि रुद्धोष्म प्रक्रम बहुत तेजी से होता है।
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