विशिष्ट प्रतिरोध अथवा प्रतिरोधकता किसे कहते हैं, विशिष्ट चालकता क्या है, परिभाषा, मात्रक

विशिष्ट प्रतिरोध अथवा प्रतिरोधकता किसे कहते हैं :-

जब किसी चालक में विद्युत धारा प्रवाहित की जाती है। तो उस पर विभवांतर स्थापित हो जाता है। यदि चालक के भीतर किसी बिंदु पर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता E हो तथा धारा घनत्व j है। तो इनके अनुपात को चालक का विशिष्ट प्रतिरोध अथवा प्रतिरोधकता कहते हैं। इसे ρ (रो) से प्रदर्शित करते हैं। तो

ρ = \large \frac{E}{j}       समी. ①
यदि चालक तार की लंबाई l हो तथा अनुप्रस्थ परिच्छेद का क्षेत्रफल A है। तो तार की भीतर विद्युत क्षेत्र की तीव्रता
E = \large \frac{V}{l}
तथा धारा घनत्व j = \large \frac{i}{A}
धारा घनत्व व विद्युत क्षेत्र की तीव्रतआ के मान समी. ① में रखने पर
ρ = \large \frac{E}{j}
ρ = \large \frac{V/l}{i/A}
ρ = \large \frac{V}{l} × \frac{A}{i}
ρ = \large \frac{V}{i} × \frac{A}{l}
चूंकि V/i को चालक का प्रतिरोध R कहते हैं। तो
\footnotesize \boxed{ ρ = R \frac{A}{l} }

विशिष्ट प्रतिरोध का मात्रक:-

विशिष्ट प्रतिरोध का मात्रक का मात्रक ओम-मीटर होता है।

विशिष्ट प्रतिरोध की परिभाषा :-

उपरोक्त सूत्र से
ρ = R \large \frac{A}{l}

यदि l = 1, A = 1 तो
ρ = R \large \frac{1}{1}
ρ = R ओम-मीटर

तो इससे विशिष्ट प्रतिरोध को ऐसे परिभाषित किया जा सकता है।
” 1 मीटर लंबे तथा 1 मीटर2 अनुप्रस्थ परिच्छेद वाले तार के प्रतिरोध को चालक तार का विशिष्ट प्रतिरोध कहते हैं। “

विशिष्ट प्रतिरोध के सूत्र से
R = ρ \large \frac{l}{A}

एक निश्चित का ताप पर किसी चालक के लिए, विशिष्ट प्रतिरोध ρ नियत है। तो
R ∝ \large \frac{l}{A}

अतः किसी चालक तार का प्रतिरोध तार की लंबाई के अनुक्रमानुपाती तथा उसके क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है।

विशिष्ट प्रतिरोध की विमा :-

सूत्र –
ρ = R \large \frac{A}{l} से
विशिष्ट प्रतिरोध ρ की विमा = \large \frac{R \,की\,विमा × A\,की\,विमा}{l\,की\,विमा}
विशिष्ट प्रतिरोध ρ की विमा = \large \frac{[ML^2T^{-3}A^{-2}][L^2]}{[L]}
विशिष्ट प्रतिरोध ρ की विमा = [ML3T-3A-2]
अतः विशिष्ट प्रतिरोध की विमा [ML3T-3A-2] होती है।

विशिष्ट चालकता:-

जिस प्रकार प्रतिरोध के व्युत्कम को चालकता कहते हैं। उसी प्रकार विशिष्ट प्रतिरोध से के व्युत्कम को विशिष्ट चालकता है। इसे σ (सीग्मा) से प्रदर्शित करते हैं। तो
\footnotesize \boxed { σ = \frac{1}{ρ} }

इसका मात्रक (ओम-मीटर)-1 होता है।

विशिष्ट चालकता की विमा :-

सूत्र –
σ = \large \frac{1}{ρ} से
विशिष्ट चालकता σ की विमा = \large \frac{1}{ρ\,की\,विमा}
विशिष्ट चालकता σ की विमा = \large \frac{1}{[ML^3T^{-3}A^{-2}] }
विशिष्ट चालकता σ की विमा = [M-1L-3T3A2]
अतः विशिष्ट चालकता की विमा = [M-1L-3T3A2] होती है।

पढ़ें… 12वीं भौतिकी नोट्स | class 12 physics notes in hindi pdf

धारा घनत्व तथा विशिष्ट चालकता में संबंध :-

सूत्र –
σ = \large \frac{1}{ρ} से
विशिष्ट प्रतिरोध की परिभाषा से ρ = \large \frac{E}{j}
जहां E = विद्युत क्षेत्र की तीव्रता तथा j = धारा घनत्व है। तो
σ = \large \frac{j}{E}
\footnotesize \boxed { j = σE }
सदिश रूप में \footnotesize \boxed { \overrightarrow{j} = σ\overrightarrow{E} }
धारा घनत्व = विशिष्ट चालकता × विद्युत क्षेत्र की तीव्रता

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