कार्बन मोनोऑक्साइड क्या है, बनाने की विधि, गुण, उपयोग, फार्मूला तथा प्रकृति

कार्बन मोनोऑक्साइड

कार्बन मोनोऑक्साइड, कार्बन का एक ऑक्साइड है इसका रासायनिक सूत्र CO होता है। यह एक उदासीन ऑक्साइड है। कार्बन मोनोऑक्साइड (carbon monoxide in Hindi) रंगहीन विषैली गैस है यह नीली ज्वाला के साथ जलती है। यह रक्त में उपस्थित हीमोग्लोबिन के साथ मिलकर एक संकुल बनाती है जो हिमोग्लोबिन को ऑक्सीजन से रोकता है। जिसके कारण शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है जिससे व्यक्ति को बेहोशी या मृत्यु हो सकती है।

कार्बन मोनोऑक्साइड बनाने की विधि

1. कार्बन मोनोऑक्साइड को सांद्र सल्फ्यूरिक अम्ल को 373K ताप पर फॉर्मिक अम्ल HCOOH के द्वारा निर्जलीकरण कराने पर अल्प मात्रा में शुद्ध कार्बन मोनोऑक्साइड प्राप्त होती है। यह CO प्राप्त करने की प्रयोगशाला विधि है।
HCOOH \xrightarrow [सांद्र H_2SO_4] {373K} \scriptsize \begin{array}{rcl} CO \\ कार्बन\,मोनोऑक्साइड \end{array} + H2O

2. औद्योगिक रूप से कार्बन मोनोऑक्साइड को कोक पर भाप प्रवाहित करके बनाया जाता है। इस प्रकार CO तथा H2 का मिश्रण प्राप्त होता है। जिसे वाटर गैस अथवा संश्लेषण गैस कहते हैं।
C + H2O \longrightarrow CO + H2

3. शुष्क कार्बन डाइऑक्साइड CO2 गैस को रक्त तप्त चारकोल पर प्रवाहित करने पर कार्बन मोनोऑक्साइड प्राप्त होती है।
CO2 + C \xrightarrow {∆} 2CO

कार्बन मोनोऑक्साइड के गुण

  • कार्बन मोनोऑक्साइड रंगहीन, गंधहीन अति विषैली गैस है।
  • यह जल में अल्प विलेय होती है इसका घनत्व लगभग वायु के घनत्व के समान होता है।
  • कार्बन मोनोऑक्साइड शरीर के लिए अति विषैली गैस है। यह रक्त में उपस्थित लाल रक्त कणिकाओं के हिमोग्लोबिन को शरीर में ऑक्सीजन प्रवाह से रोकती है। जिससे शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है इसका परिणाम मृत्यु के रूप में हो सकता है।
  • कार्बन मोनोऑक्साइड गैस वायु में नीली ज्वाला के साथ जलती है एवं कार्बन डाइऑक्साइड गैस प्राप्त होती है। कार्बन मोनोऑक्साइड और वायु का मिश्रण विस्फोटक होता है।
    2CO + O2 \longrightarrow CO2
  • कार्बन मोनोऑक्साइड CO, सल्फर वाष्प के साथ कार्बोनिल सल्फाइड COS बनाती है।
    CO + S \longrightarrow COS

कार्बन मोनोऑक्साइड के उपयोग

  1. कार्बन मोनोऑक्साइड का उपयोग कार्बोनिल विधि द्वारा निकिल एवं अन्य धातुओं के निष्कर्षण और शोधन में किया जाता है।
  2. इसका उपयोग सोडियम फॉर्मेट के निर्माण में होता है।
  3. धातु ऑक्साइडों का धातुओं अपचयन करने में।
  4. संश्लेषण गैस (CO + H2) और प्रोड्यूसर गैस ईंधन के रूप में।
  5. कार्बोनिल क्लोराइड (फॉसजीन) के निर्माण में।

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