अभिक्रिया का वेग नियम तथा वेग स्थिरांक क्या है, सूत्र, परिभाषा, ताप बढ़ाने पर, मात्रक, अंतर

वेग नियम

वेग नियम के अनुसार, अभिक्रिया का वेग अभिकारकों की मोलर सांद्रता के गुणनफल के अनुक्रमानुपाती होता है।
यदि किसी अभिक्रिया के लिए
aA + bB \longrightarrow उत्पाद
माना अभिक्रिया का वेग A की सांद्रता की घात p तथा B की सांद्रता की घात q पर निर्भर करता है। तो
अभिक्रिया का वेग ∝ [A]p[B]q
अभिक्रिया का वेग = k[A]p[B]q
इस समीकरण को ही अभिक्रिया का वेग नियम (rape law in Hindi) कहते हैं। जहां k वेग स्थिरांक है।

वेग स्थिरांक

किसी अभिक्रिया के लिए
aA + bB \longrightarrow उत्पाद
चूंकि अभिक्रिया की दर, अभिकारकों के गुणनफल के समानुपाती होती है। अतः
अभिक्रिया की दर ∝ [A]a[B]b
तथा अभिक्रिया का दर = k[A]a[B]b
जहां k एक स्थिरांक है। जिसे वेग स्थिरांक कहते हैं।
माना [A] = 1 , [B] = 1 मोल/लीटर हो तो
अभिक्रिया का दर = k

अर्थात अभिकारकों की सांद्रता 1 मोल/लीटर हो तो अभिक्रिया की दर को ही वेग स्थिरांक (rate constant in Hindi) कहते हैं। उपरोक्त सूत्र ही वेग स्थिरांक का सूत्र है।

वेग स्थिरांक का मात्रक

वेग स्थिरांक का मात्रक अभिक्रिया की कोटि पर निर्भर करता है। वेग स्थिरांक का मात्रक (मोल-लीटर-1)1-n सेकंड-1 होता है। एवं इसका मात्रक (वायुमंडल)1-n सेकंड-1 भी होता है।

वेग स्थिरांक ताप बढ़ाने पर

वेग स्थिरांक ताप बढ़ाने पर बढ़ता है यदि किसी रसायनिक अभिक्रिया का ताप 10°C बढ़ा दिया जाए तो वेग स्थिरांक दोगुना हो जाता है।

अभिक्रिया के वेग एवं वेग स्थिरांक में अंतर

क्रमांकअभिक्रिया का वेगवेग स्थिरांक
1अभिक्रिया का वेग ताप बढ़ाने पर बढ़ता है।वेग स्थिरांक भी ताप बढ़ाने पर बढ़ता है।
3अभिक्रिया के वेग का मात्रक मोल/लीटर-सेकंड होता है।वेग स्थिरांक का मात्रक अभिक्रिया की कोटि पर निर्भर करता है।
3अभिक्रिया का वेग, अभिक्रिया की प्रगति के प्रारंभ में घटता है।वेग स्थिरांक का मान स्थिर रहता है यह प्रगति पर निर्भर नहीं करता है।

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