ऊष्मागतिकी निकाय किसे कहते हैं खुला, बंद तथा विलगित निकाय का उदाहरण परिभाषा

इस लेख में हम ऊष्मागतिकी निकाय किसे कहते हैं इसके प्रकार तथा उदाहरण का अध्ययन करेंगे। तथा परिवेश की भी चर्चा करेंगे।

ऊष्मागतिकी निकाय

ब्रह्मांड का कोई भी छोटा या बड़ा भाग जिसके ऊपर ताप, दाब तथा भौतिक कारकों के परिवर्तन के प्रभाव का अध्ययन किया जाता है। उस भाग को ऊष्मागतिकी निकाय (system in thermodynamics in Hindi) कहते हैं। तथा निकाय के अतिरिक्त भाग को परिवेश कहते हैं।
अतः निकाय एवं परिवेश दोनों के मिलने से ब्रह्मांड बनता है। अर्थात्
निकाय + परिवेश = ब्रह्मांड
सामान्यतः समष्टि का वह क्षेत्र जो निकाय के आस पास होता है। परिवेश के अंतर्गत लिया जाता है।

ऊष्मागतिकी निकाय

चित्र द्वारा आप निकाय और परिवेश को अच्छी तरह समझ गए होंगे। इस चित्र में फ्लास्क एक परिवेश है जबकि इसके अंदर भरा द्रव्य निकाय का कार्य करता है। इसी प्रकार जब यही फ्लास्क को कमरे में रखा जाता है तथा फ्लास्क में दो पदार्थों A और B की अभिक्रिया हो रही हो, तो फ्लास्क निकाय होगा जबकि कमरा परिवेश का कार्य करेगा।

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निकाय के प्रकार

द्रव्य एवं ऊर्जा के संचरण के आधार पर निकाय को तीन भागों में वर्गीकृत किया जा सकता है।
1. खुला निकाय
2. बंद निकाय
3. विलगित निकाय

1. खुला निकाय

जब ऊष्मागतिकी निकाय तथा परिवेश के मध्य ऊर्जा एवं द्रव्य दोनों का आदान-प्रदान हो सकता है। तो इस प्रकार के ऊष्मागतिकी निकाय को खुला निकाय (Open system in Hindi) कहते हैं।

2. बंद निकाय

वह ऊष्मागतिकी निकाय जिसमें निकाय तथा परिवेश के मध्य द्रव्य का आदान-प्रदान (विनियम) नहीं हो, परंतु ऊर्जा का विनियम हो सकता है। तो इस प्रकार के ऊष्मागतिकी निकाय को बंद निकाय (Closed system in Hindi) कहते हैं।

3. विलगित निकाय

ऊष्मागतिकी निकाय जिसमें निकाय तथा परिवेश के मध्य न ही तो ऊर्जा का विनियम हो और न ही द्रव्य का विनियम हो सकता है। तो इस प्रकार के ऊष्मागतिकी निकाय को विलगित निकाय (isolated system in Hindi) कहते हैं।

निकाय के प्रकार

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