विद्युत नोट्स | class 10 science chapter 11 notes in Hindi PDF download

प्रस्तुत पाठ के अंतर्गत Study Nagar द्वारा कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 11 का अध्ययन किया जाएगा। विद्युत पाठ के सभी टॉपिक को सरल भाषा में यह व्यक्त किया जाएगा।

विद्युत नोट्स कक्षा 10

आवेश परमाणु का एक मूलकण होता है। यह धनात्मक और ऋणात्मक हो सकता है। सामान आवेश एक दूसरे को प्रतिकर्षित करते हैं एवं विपरीत आवेश एक दूसरे को आकर्षित करते हैं। आवेश का SI मात्रक कूलाम (C) होता है।
1 कूलाम आवेश में 6 × 1018 इलेक्ट्रॉन उपस्थित होते हैं। तथा 1 इलेक्ट्रॉन पर 1.6 × 10-19 कूलाम ऋणात्मक आवेश होता है।
आवेश = इलेक्ट्रॉन की संख्या × एक इलेक्ट्रॉन पर आवेश
\footnotesize \boxed { Q = ne }

विद्युत नोट्स class 10 science chapter 11 notes in Hindi
class 10 science chapter 11 notes in Hindi

विद्युत धारा

विद्युत आवेश के प्रवाह की समय दर को विद्युत धारा कहते हैं।
विद्युत धारा = \large \frac{आवेश}{समय}
\footnotesize \boxed { I = \frac{Q}{t} } या \footnotesize \boxed { Q = It }

Note – आवेश के यह दोनों सूत्र अंकित प्रश्नों में बहुत ज्यादा प्रयोग किए जाते हैं इसलिए इन दोनों सूत्रों को याद रखें।

विद्युत धारा का SI मात्रक एम्पियर (A) होता है। अतः
1 A = 1 कूलाम/सेकण्ड
1 mA (मिली एम्पियर) = 10-3 A
1 μA (माइक्रो एम्पियर) = 10-6 A

अमीटर – परिपथों की विद्युत धारा को मापने के लिए जिस यन्त्र का उपयोग किया जाता है। उसे अमीटर कहते हैं। अमीटर का प्रतिरोध कम होता है तथा इसे परिपथ में हमेशा श्रेणीक्रम में जोड़ा जाता है।

विद्युत विभवांतर

एकांक आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक लाने में किए गए कार्य को उन दोनों बिंदुओं के बीच विद्युत विभवांतर कहते हैं। इस V से प्रदर्शित किया जाता है।
विद्युत विभवांतर = \large \frac{कार्य}{आवेश}
\footnotesize \boxed { V = \frac{w}{q} }

विद्युत विभवांतर का SI मात्रक वोल्ट होता है। यदि दो बिंदुओं के बीच 1 कूलाम आवेश को एक बिंदु से दूसरे बिंदु तक लाने में 1 जूल कार्य किया जाए तो उन दोनों बिंदुओं के बीच विभवांतर एक वोल्ट होगा। अतः
1 वोल्ट = \large \frac{1\,जूल}{1\,कूलाम}
1 वोल्ट = 1 जूल/कूलाम

वोल्टमीटर – परिपथों के विद्युत विभावांतर को मापने के लिए जिस यन्त्र का उपयोग किया जाता है। उसे वोल्टमीटर कहते हैं। वोल्टमीटर का प्रतिरोध ज्यादा होता है तथा जिन बिंदुओं का विभावांतर मापना होता है। उन बिंदुओं के बीच वोल्टमीटर को सदैव समांतर क्रम (पार्श्व क्रम) में जोड़ा जाता है।

ओम का नियम

ओम के नियम का Study Nagar द्वारा कक्षा 12 भौतिकी में अध्ययन किया गया है। वहां पर ओम का नियम, उदाहरण तथा अपवाद दिए गए हैं लेकिन आप कक्षा 10 के सिलेबस के आधार पर केवल ओम के नियम को ही याद करें उदाहरण और आप पद को नहीं।
पढ़ें… ओम का नियम, ohm’s law in hindi, सत्यापन, 12th क्लास, सूत्र, परिभाषा, अपवाद

प्रतिरोध

जब किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर स्थापित किया जाता है। तो उसे चालक में विद्युत धारा प्रवाहित होने लगती है।
किसी चालक के सिरों पर लगाए गए विभवांतर तथा उसमें प्रवाहित धारा के अनुपात को चालक का प्रतिरोध कहते हैं। इस R से प्रदर्शित करते हैं।
प्रतिरोध = \large \frac{विभावांतर}{विद्युत\,धारा}
\footnotesize \boxed { R = \frac{V}{I} }
प्रतिरोध का SI मात्रक ओम (Ω) होता है। यदि किसी चालक के सिरों के बीच विभवांतर 1 वोल्ट है तथा उसमें 1 एम्पियर विद्युत धारा प्रवाहित हो रही हो, तो उस चालक का प्रतिरोध 1 ओम (Ω) होगा।
1 Ω = \large \frac{1\,वोल्ट}{1\,एम्पियर}
1 Ω = 1 वोल्ट/एम्पियर

पढ़ें… विद्युत धारा के चुंबकीय प्रभाव नोट्स | class 10 science chapter 12 notes in Hindi
पढ़ें… मानव नेत्र तथा रंगबिरंगा संसार नोट्स | class 10 science chapter 10 notes in Hindi

चालक के प्रतिरोध की निर्भरता

  1. चालक का प्रतिरोध चालक की लंबाई के समानुपाती होता है। R ∝ ℓ
  2. चालक का प्रतिरोध अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल के व्युत्क्रमानुपाती होता है। R ∝ \large \frac{1}{A}
  3. चालक का प्रतिरोध तापमान के समानुपाती होता है।
  4. चालक का प्रतिरोध पदार्थ की प्रकृति पर भी निर्भर करता है।

विद्युत प्रतिरोधकता

किसी धातु के एकसमान चालक का प्रतिरोध उसकी लंबाई (ℓ) के अनुक्रमानुपाती तथा अनुप्रस्थ काट के क्षेत्रफल (A) के व्युत्क्रमानुपाती होता है। अर्थात्
R ∝ ℓ    समी.①
R ∝ \frac{1}{A}    समी.②
समी.① व समी.② से
R ∝ \large \frac{ℓ}{A}
या \footnotesize \boxed { R = ρ \frac{ℓ}{A} }
जहां ρ एक अनुक्रमानुपाती स्थिरांक है। जिसे चालक की विद्युत प्रतिरोधकता कहते हैं। इस ρ (रो) से प्रदर्शित करते हैं। प्रतिरोधकता का SI मात्रक ओम-मीटर (Ω-m) होता है।

प्रतिरोध का संयोजन

प्रतिरोधकों का संयोजन दो प्रकार से होता है।
1. श्रेणी क्रम संयोजन
2. समांतर क्रम संयोजन
पढ़ें… प्रतिरोध का संयोजन, श्रेणी क्रम संयोजन, समांतर क्रम संयोजन

Note – प्रतिरोध के संयोजन वाला लेख कक्षा 12 के आधार पर तैयार किया गया है। लेकिन आप छात्र अपनी किताब के चित्रों का ही प्रयोग करें एवं उसी के हिसाब से थ्योरी याद करें।

विद्युत शक्ति

किसी विद्युत परिपथ में विद्युत ऊर्जा के व्यय की समय दर को विद्युत शक्ति कहते हैं। इसे P से प्रदर्शित किया जाता है।
\footnotesize \boxed { P = VI }
V = IR से
\footnotesize \boxed { P = I^2R } या \footnotesize \boxed { P = \frac{V^2}{R} }
विद्युत शक्ति का SI मात्रक वाट (W) होता है।
1 w = \large \frac{1\,वोल्ट}{1\,एम्पियर}
1 w = 1 वोल्ट/एम्पियर

वाट, शक्ति का एक छोटा मात्रक है। वास्तविक व्यवहार में हम इसे किलोवाट में व्यक्त करते हैं।
1 kW = 1000 W
चूंकि विद्युत ऊर्जा= शक्ति × समय
तब विद्युत ऊर्जा का मात्रक वाट-घण्टा (Wh) है।
1 किलोवाट घण्टा (kWh) = 1000 वाट × 3600 सेकंड
1 किलोवाट घण्टा (kWh) = 3.6 × 106 वाट-सेकंड
1 किलोवाट घण्टा (kWh) = 3.6 × 106 जूल
1 किलोवाट घण्टा को विद्युत ऊर्जा की एक यूनिट कहते हैं।

पढ़ें… कक्षा 10 विज्ञान नोट्स | class 10 science notes in Hindi PDF download NCERT 2024

class 10 science chapter 11 notes in Hindi PDF

कक्षा 10 विज्ञान अध्याय 11 एक महत्वपूर्ण पाठ है। इस पाठ के अंतर्गत कई महत्वपूर्ण टॉपिक आए हैं जिन पर Study Nagar द्वारा अच्छे से अध्ययन कराया गया है। अगर आपका इससे संबंधित कोई प्रश्न या सुझाव है तो आप हमसे कमेंट या ईमेल के माध्यम से संपर्क कर सकते हैं। धन्यवाद


शेयर करें…

StudyNagar

हेलो छात्रों, मेरा नाम अमन है। Physics, Chemistry और Mathematics मेरे पसंदीदा विषयों में से एक हैं। मुझे पढ़ना और पढ़ाना बहुत ज्यादा अच्छा लगता है। मैंने 2019 में इंटरमीडिएट की परीक्षा को उत्तीर्ण किया। और इसके बाद मैंने इंजीनियरिंग की शिक्षा को उत्तीर्ण किया। इसलिए ही मैं studynagar.com वेबसाइट के माध्यम से आप सभी छात्रों तक अपने विचारों को आसान भाषा में सरलता से उपलब्ध कराने के लिए तैयार हूं। धन्यवाद

View all posts by StudyNagar →

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *